आदर्श ग्राम योजना

कृषि उत्पादन आयुक्त के निर्देश आदर्श ग्राम योजना में गति लाने
पशुपालन विभाग के कार्यों की समीक्षा

रायपुर, कृषि उत्पादन आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव श्री सरजियस मिन्ज ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना तथा एस्कार्ट योजना के अंतर्गत निर्धारित लक्ष्य और अभी तक के उपलब्धियों की विस्तार से जानकारी ली।

श्री मिंज ने बैठक में आदर्श ग्राम योजना के क्रियान्वयन में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नस्ल सुधार हेतु राज्य में संचालित कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम, निजी कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता, सघन बधियाकरण कार्यक्रमों की जानकारी लेते हुए समयसीमा में निर्धारित लक्ष्य पूरा करने को कहा है। आयुक्त ने कहा कि जिलेवार पशु उत्पादों जैसे ऊन, अण्डा, मांस एवं पशुधन क्रय-विक्रय का आकलन करते हुए इस संबंधी अभिलेख संधारित किया जाए जिससे योजनाओं का पशुपालकों में स्वीकार्यता और इसके लाभ का वास्तविक मूल्याकंन किया जा सके।

कृषि उत्पादन आयुक्त ने पशु संवर्धन योजना से उन्नत वत्स उत्पादन के साथ-साथ पशुओं के खाद्यान्न व्यवस्था में सुधार हेतु धान के पैरा यूरिया उपचार पध्दति और अंजोला उत्पादन का प्रथम चरण में प्रदेश के लगभग पचास प्रतिशत गांवों में क्रियान्वित करने का लक्ष्य दिया गया। जापानी बटेर पालन, बत्तख एवं टर्की तथा गिनी फाउल योजना की जानकारी से पशुपालकों और किसानों को अवगत कराने के निर्देश आयुक्त ने दिए। श्री मिंज ने दूध, अण्डा, मांस आदि पशु उत्पादों में पोषक तत्वों जैसे प्रोटीन, उर्जा, वसा आदि का तुलनात्मक तालिका बनाकर ग्रामीणों के बीच इसकी जानकारी देने की जरूरत पर बल दिया। जिससे ग्रामीण जन इनके लाभों को समझकर विभागीय योजनाओं को अपनाने के लिए स्वयं होकर सामने आएं। बैठक में पशु चिकित्सा एवं पशुपालन विभाग के संचालक डॉ. एस.एस. गहरवार, पशुधन विकास अभिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ.एस.के.पाण्डेय सहित, विभागीय नोडल अधिकारी और जिलों से आए पशुपालन विभाग के जिलाधिकारी उपस्थित थे।
- 09 दिसंबर 2009