चिमनी जांच

सभी उद्योगों में होगी चिमनियों की जांच
गृहमंत्री ने औद्योगिक सुरक्षा पर अधिकारियों की बैठक ली
श्रमिकों की सुरक्षा में ढिलाई और पर्यावरण नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी : श्री ननकीराम कंवर

रायपुर, छत्‍तीसगढ़ राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक शहर कोरबा में पिछले महीने बाल्को कम्पनी के निर्माणाधीन विद्युत संयंत्र में घटित चिमनी हादसे को ध्यान में रखकर छत्तीसगढ़ में इस प्रकार के सभी उद्योगों में स्थापित और बन रही चिमनियों की गुणवत्ता की जांच कराने का निर्णय लिया है।

गृह मंत्री श्री ननकीराम कंवर ने कोरबा में औद्योगिक प्रतिष्ठानों और जिला प्रशासन के अधिकारियों की बैठक लेकर उन्हें चिमनियों की गुणवत्ता जांच रिपोर्ट जल्द प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। श्री कंवर ने बैठक में राज्य सार्वजनिक और निजी क्षेत्रों में संचालित सभी उद्योगों में श्रमिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने और पर्यावरण नियमों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मेहनतकश श्रमिकों के जीवन की सुरक्षा और जन स्वास्थ्य की दृष्टि से पर्यावरण नियमों में किसी भी प्रकार की अनदेखी या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गृह मंत्री की अध्यक्षता में कल आयोजित इस बैठक में केन्द्रीय सार्वजनिक उपक्रम दक्षिण पूर्वी कोयला प्रक्षेत्र लिमिटेड और राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम, राज्य शासन के उपक्रम छत्तीसगढ़ विद्युत कम्पनी और निजी क्षेत्र के बाल्को तथा लेंको पावर प्लांट आदि कम्पनियों के वरिष्ठ अधिकारी और जिला तथा पुलिस प्रशासन के अधिकारी उपस्थित थे। श्री कंवर ने बैठक में इन सभी उद्योगों के सुरक्षा प्रबंधों के बारे में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी ली। गृह मंत्री ने जिला प्रशासन को राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एन.टी.पी.सी.), छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी, बाल्को और लेंको आदि सभी उद्योगों में निर्माणाधीन चिमनियों की गुणवत्ता की जांच कराने और जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के भी निर्देश दिए।

श्री कंवर ने कहा कि औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रबंधन की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वे अपने कार्य क्षेत्र के अन्तर्गत श्रमिकों, बच्चों और आम नागरिकों के लिए समाज कल्याण गतिविधियों के अन्तर्गत अस्पताल, स्कूल, पेयजल आदि हर प्रकार की बुनियादी जरूरतों को देखते हुए इन सुविधाओं का समुचित विकास करें। बैठक में कोरबा जिले के प्रमुख औद्योगिक प्रतिष्ठानों को पाली, कटघोरा, कोरबी, उरगा और दीपका सहित कुछ अन्य पुलिस थानों में एक-एक एम्बुलेंस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि आकस्मिक दुर्घटनाओं के दौरान पीड़ितों को जल्द से जल्द इलाज की सुविधा मिल सके। कलेक्टर कोरबा श्री अशोक अग्रवाल ने बैठक में बताया कि कोरबा में चौक-चौराहों के सौंदर्यीकरण के लिए विभिन्न प्रतिष्ठानों को दायित्व सौपे गये हैं। उरगा, बरपाली चौक के सौंदयर्ाीकरण हेतु लैकों, पाली, डूमरकछार हेतु एसईसीएल, सुतर्रा एवं सर्वमंगला हेतु छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कम्पनी, परसाभांठा तथा रिस्दी चौक के लिए बाल्को और बरबसपुर एवं इमलीडुग्गू चौक के सौंदर्यीकरण के लिए नगर निगम को दायित्व सौंपा गया है। तिलकेजा-पहंदा सड़क की मरम्मत के लिए लैंको कम्पनी को निर्देषित किया गया। दीपका से जवाली, हरदीबाजार से बलौदा सड़क निर्माण की जिम्मेदारी दक्षिण पूर्वी कोयला प्रक्षेत्र लिमिटेड (एसईसीएल) और सीपत सड़क निर्माण की जिम्मेदारी राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) को सौंपी गयी है। जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्मित सड़कों पर आठ मीटरिक टन से अधिक भार के वाहनों को प्रतिबंधित करने का निर्णय लिया गया है।