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छत्तीसगढ़ शैल चित्र

छत्तीसगढ़ गुफा चित्र - छत्तीसगढ़ भित्‍ती चित्र - देखने वालों में जगाते हैं कौतुहल - छत्तीसगढ़ की पहाड़ियों में रहस्यमय शैल चित्र...
आदिम कलाकारों की कल्पनाशीलता का मिलता है परिचय
कहीं दस सिरों वाली रावणनुमा आकृति तो कहीं मत्स्य कन्या

पृथ्वी पर मानव सभ्यता के जन्म और उसकी विकास यात्रा के प्रारंभिक दौर का एक महत्वपूर्ण गवाह छत्तीसगढ़ भी है, जहां रायगढ़, उत्तर बस्तर (कांकेर), कोरिया, दुर्ग, सरगुजा और बस्तर (जगदलपुर) जिले की अनेक पहाड़ी गुफाओं और पहाड़ियों की दीवारों पर आदि मानवों द्वारा उकेरे गए शिकार आदि के दृश्य स्पष्ट रूप से यह संकेत दे रहे हैं कि उस प्रागैतिहासिक दौर में छत्तीसगढ़ की धरती पर कभी आदि मानवों का भी बसेरा हुआ करता था।

ये रहस्यमय शैल चित्र आज उन्हें देखने वालों के मन-मस्तिष्क में भारी कौतुहल और जिज्ञासा पैदा करते हैं कि आखिर वह कौन सा प्राकृतिक रंग था, जो धूप, धूल और हवा के थपेड़े सहते हुए आज भी अपनी जगह पर कायम हैं, हालांकि समय के प्रवाह में रहस्यमय शैल चित्रों के इस खजाने से कई चित्र विभिन्न प्राकृतिक कारणों से धुंधले भी होते जा रहे हैं, लेकिन राज्य के पुरातत्व संचालनालय द्वारा इन सभी शैल चित्रों के संरक्षण के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुरातत्व अधिकारियों ने इनके संरक्षण के लिए जन सहयोग की जरूरत पर भी बल दिया है।  Read Full Raipur Story »



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