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Chhattisgarh Government strict on Chhattisgarh Environment Protecion

Strict Action On Chhattisgarh Industres Breaking The Environment Rules
Notice To More Than One And Half Hundred Industries
Electricity Removed From Thirty-Three Industry
CG Officers are now examining in night to See ESP operation
Big industrial cities like Raipur, Bhilai, Korba air polution is monitored 24 hours.

Raipur News Hindi -
पर्यावरण नियम तोड़ने वाले उद्योगों पर सख्त कार्रवाई
डेढ़ सौ से अधिक उद्योगों को नोटिस
तैंतीस उद्योगों की बिजली काटी गई
ई.एस.पी. का परिचालन देखने रात में भी निरीक्षण कर रहे अधिकारी

रायपुर, 15 मई 2009 - छत्तीसगढ़ में पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने वाले उद्योगों के खिलाफ राज्य शासन द्वारा कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। पिछले वित्तीय वर्ष 2008-09 में इस प्रकार के तैंतीस उद्योगों की बिजली काट दी गई। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा राजधानी रायपुर सहित भिलाई और कोरबा जैसे प्रमुख औद्योगिक शहरों में चौबीसों घंटे हवा की गुणवत्ता मापने का कार्य किया जा रहा है। मण्डल के अधिकारी उद्योगों के नियमित निरीक्षण के साथ-साथ औद्योगिक परिसरों का रात्रिकालीन आकस्मिक निरीक्षण भी कर रहे हैं, ताकि वहां वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों का सुचारू परिचालन सुनिश्चित हो सके।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति देने के साथ-साथ संबंधित विभागों और अधिकारियों को उद्योगों में पर्यावरण नियमों का पालन गंभीरता से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं। उनके निर्देशों के अनुरूप छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के अधिकारियों ने पिछले वर्ष 2008-09 में विभिन्न उद्योगों का निरीक्षण किया और वायु (प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण) अधिनियम 1981 की धारा 31 (क) के तहत 154 उल्लंघन कारी उद्योगों को नोटिस जारी की गई। इसके अलावा 53 उद्योगों को निर्देश जारी किए गए इनमें से 33 उल्लंघनकारी उद्योगों की बिजली काटी गई। पर्यावरण नियमों की अनदेखी करने वाले कुल 190 उद्योगों के खिलाफ विभिन्न न्यायालयों में मुकदमें चल रहे हैं। छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल के लगातार प्रयासों के फलस्वरूप राजधानी रायपुर के नजदीक उरला और सिलतरा क्षेत्र के लगभग 51 कारखानों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के लिए ई.एस.पी. तथा अन्य उपकरण लगाए गए हैं। पर्यावरण संरक्षण मण्डल ने रायपुर क्षेत्र में कोयला आधारित नये स्पंज आयरन संयंत्रों और विद्युत इकाईयों की स्थापना की अनुमति देना विगत मार्च 2007 से बंद कर दिया गया है। विभिन्न उद्योगों में ई.एस.पी. जैसे वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण का निरंतर संचालन सुनिश्चित करने के लिए अलग से विद्युत मीटरों की स्थापना करवाई गई है। पर्यावरण संरक्षण मण्डल ने ऐसी भी व्यवस्था की है कि वायु प्रदूषण नियंत्रण उपकरण (ई.एस.पी.) बंद होने पर कम्प्यूटर या पेनल के माध्यम से कच्चे माल की आपूर्ति भी बंद अथवा नियंत्रित कर दी जाए। धूलकणों के उत्सर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए संबंधित उद्योग परिसरों में कच्चे माल ईंधन तथा ठोस अपशिष्टों के भण्डारण क्षेत्र में पानी के छिड़काव की व्यवस्था करवाई गई है। विभिन्न उद्योग परिसरों के भीतर सभी सड़कों को पक्का करने की कार्रवाई भी प्रगति पर है। उद्योगों से निकलने वाले ठोस अपशिष्टों जैसे डस्ट राख, स्लग, चार#डोलो चार आदि का उपयोग सड़क निर्माण, ईंट निर्माण और निचली सतह को भरने के लिए भी किया जा रहा है। राज्य के स्कूली बच्चों में पर्यावरण जागरूकता लाने के लिए लगभग चार हजार स्कूलों में इको-क्लबों का गठन किया गया है। जल प्रदूषण की रोकथाम के लिए भी छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मण्डल द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसके लिए मण्डल को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कृत भी किया जा चुका है।

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