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Chief Minister sent letter to Mamata Banerjee Railway Minister for rail facility in Chhattisgarh

The Chief Minister wrote to Railway Minister Ms. Mamata Banerjee a letter for Chhattisgarh
Many demands placed in Chhattisgarh for development and expansion of rail facilities

Raipur - Dhamtari Narrow Gauge change in the Broad gauge and to connect it to proposed Dalli-Rajhara - Jagdalpur line

Survey for five new rail paths including above

Four new trains also proposed by Chief Minister

Raipur, Chhattisgarh, June 24, 2009 - Chief Minister Dr Raman Singh has demanded by writing a letter to Railway Minister Ms. Mamata Banerjee to include in the forthcoming railway budget various proposals related to the development and expansion of rail facilities in Chhattisgarh.

Details in HIndi -
मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी को लिखा पत्र
छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और विस्तार के लिए रखी कई मांगें

रायपुर-धमतरी नेरोगेज को ब्रॉडगेज में बदलने और इसे दल्लीराजहरा-जगदलपुर की प्रस्तावित लाइन से जोड़ने की मांग

पांच नए रेल मार्गो के लिए सर्वेक्षण सहित

चार नई ट्रेनों के लिए भी मुख्यमंत्री ने दिया प्रस्ताव

रायपुर, 24 जून 2009 - मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी को एक पत्र भेजकर आगामी रेल बजट में छत्तीसगढ़ में रेल सुविधाओं के विकास और विस्तार से संबंधित विभिन्न प्रस्तावों को शामिल करने की मांग की है। डॉ. सिंह ने उनसे रायपुर-धमतरी नेरोगेज लाइन को ब्रॉड गेज में बदलने और इस रेल्वे लाइन को रायपुर के स्थान पर नया रायपुर से शुरू करने तथा धमतरी से इसका विस्तार प्रस्तावित दल्लीराजहरा-जगदलपुर लाइन तक करने के लिए सर्वेक्षण की मंजूरी देने का आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने इसे मिलाकर नए रेल मार्गों की मंजूरी के लिए सर्वेक्षण के पांच प्रस्ताव दिए हैं। इनमें डोंगरगढ़-कवर्धा-मुंगेली-तखतपुर होते हुए करगीरोड, कोयला खदानों के महत्व को देखते हुए रायगढ़-मांड़-घरघोड़ा होते हुए तमनार, अम्बिकापुर-बरवाडीह (गढ़वा, झारखण्ड)तथा कोरबा से कटघोरा होते हुए पेण्ड्रा तक रेल लाइन निर्माण के प्रस्ताव भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में सुश्री बनर्जी को रेल मंत्री के रूप में नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई देते हुए उम्मीद जताई है कि उनके सुयोग्य नेतृत्व में भारतीय रेल्वे न केवल कारोबार की दृष्टि से आगे बढ़ेगा बल्कि उनका मंत्रालय देश के उन क्षेत्रों की ओर भी विशेष रूप से ध्यान देगा, जो अब तक रेल सुविधाओं से वंचित हैं।

डॉ. रमन सिंह ने रेल मंत्री से तीन यात्री गाड़ियों के मार्गों के विस्तार, चार यात्री गाड़ियों के फेरे बढ़ाने और चार नई टे्रनों की मांग करते हुए। राज्य में यात्री सुविधाओं के विस्तार का भी आग्रह किया है। मुख्यमंत्री ने भुवनेश्वर-रायपुर एक्सप्रेस को दुर्ग तक, हावड़ा-कोरापुट एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-कोरापुट-हीराकुण्ड एक्सप्रेस गाड़ियों को छत्तीसगढ़ के किरन्दुल तक बढ़ाने का प्रस्ताव दिया है। डॉ. सिंह ने रेल मंत्री से कोरबा-यशवंतपुर-वैनगंगा तथा बिलासपुर-पुणे साप्ताहिक एक्सप्रेस गाड़ियों को प्रतिदिन संचालित करने और सप्ताह में दो बार चलने वाली दुर्ग-निजामुद्दीन छत्तीसगढ़ सम्पर्क क्रांति एक्सप्रेस तथा कोरबा-त्रिवेन्द्रम एक्सप्रेस को दैनिक किए जाने की भी मांग की है। मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को लिखे गए पत्र में राज्य के लिए चार नई ट्रेनों की मांग रखी है , जिनमें दुर्ग अथवा बिलासपुर से जम्मू दुर्ग से गुवाहाटी, अम्बिकापुर से बिलासपुर इंटरसिटी एक्सप्रेस और बिलासपुर से त्रिवेन्द्रम सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेनों की मांग शामिल है।

डॉ. रमन सिंह ने राज्य के रेल्वे स्टेशनों में सुविधाएं बढ़ाने का प्रस्ताव देते हुए नया रायपुर शहर के लिए टर्मिनल अथवा कोच की सुविधा के साथ एक नए रेल्वे स्टेशन की स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। उन्होंने रेल मंत्री से रायपुर रेल्वे स्टेशन पर एस्केलेटर अथवा रेम्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं की भी जरूरत बताई है। उन्होंने सुश्री ममता बनर्जी को लिखा है कि रेल यातायात के सुचारू संचालन के लिए जन भावनाओं के अनुरूप रायपुर-महासमुन्द रेल खण्ड को दक्षिण पूर्वी रेल्वे के रायपुर डिवीजन में शामिल किया जाना चाहिए। इस मार्ग पर नया रायपुर शहर भी स्थित है। वर्तमान में यह रेल खण्ड पूर्वी तट रेल्वे (सम्बलपुर डिवीजन) में शामिल है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री इस महीने की 19 से कल 23 तारीख की शाम तक नई दिल्ली प्रवास पर थे। इस दौरान वे स्वयं छत्तीसगढ़ के हितों से जुड़े इन प्रस्तावों को लेकर रेल मंत्री सुश्री ममता बनर्जी से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन सुश्री बनर्जी के पश्चिम बंगाल के होने के कारण उनसे मुलाकात नहीं हो पाई।

डॉ. रमन सिंह ने अपने पत्र में छत्तीसगढ़ की विशेष परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए सुश्री ममता बनर्जी को लिखा है कि कोयला और लौह अयस्क जैसे बहुमूल्य खनिजों से सम्पन्न नए छत्तीसगढ़ राज्य में इस्पात, सीमेंट और बिजली संयंत्रों सहित कई उद्योग भी संचालित हो रहे हैं। राज्य में दक्षिण पूर्व रेल्वे का बिलासपुर जोन देश के अन्य रेल्वे परिक्षेत्रों के मुकाबले भारतीय रेल्वे को अधिकतम राजस्व देता है। यह समझा जा सकता है कि रेल सुविधाओं को लेकर राज्य के लोगों की अनेक आशाएं और भावनाएं जुड़ी हुई हैं। इसके बावजूद यह अत्यंत आश्चर्य का विषय है कि अधिकांश रेल्वे बजटों में छत्तीसगढ़ ऐतिहासिक रूप से हमेशा उपेक्षित रहता आया है। राज्य में रेल लाइनों का घनत्व प्रत्येक एक सौ किलोमीटर पर केवल 0.77 किलोमीटर है, जबकि इसका राष्ट्रीय औसत प्रति 100 किलोमीटर पर 1.92 किलोमीटर है। राज्य के कवर्धा, जशपुर, कांकेर, नारायणपुर और बीजापुर जैसे जिले आज तक रेल सम्पर्क से वंचित हैं और बस्तर जैसे कई इलाके ऐसे भी जहां अब तक किसी एक्सप्रेस ट्रेन की सुविधा नहीं है।

मुख्यमंत्री ने रेल मंत्री को यह भी लिखा है कि आपको यह जानकर आश्चर्य होगा कि राज्य के कुछ इलाकों में लोगों ने आज तक कोई रेल्वे ट्रेन नहीं देखी है। मुख्यमंत्री ने सुश्री बनर्जी से यह भी कहा है कि मैने आपके पूर्व के रेल मंत्री को छत्तीसगढ़ की जनता की लम्बित मांगों से अवगत कराते हुए राज्य में रेल्वे सेवाओं के विस्तार के लिए कई पत्र लिखे लेकिन ये मांगे आज भी अनुमोदन के लिए लम्बित हैं। डॉ. रमन सिंह ने सुश्री बनर्जी से नए छत्तीसगढ़ राज्य की समग्र विकास की दृष्टि से इन मांगों को रेल बजट में शामिल करने का आग्रह करते हुए विश्वास व्यक्त किया है कि सुश्री बनर्जी के नेतृत्व में रेल मंत्रालय द्वारा यहां की जनभावनाओं को समझ कर और रेल्वे के विकास में छत्तीसगढ़ के योगदान पर विचार करते हुए राज्य के साथ न्याय किया जाएगा।

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