Agriculture Department officials will go village to village to provide information
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खेती-बाड़ी की जानकारी देने 575 गांवों में चलेगा 'किसान गुड़ी अभियान'
कृषि विभाग के अधिकारी गांव-गांव जाकर देंगे जानकारी
रायपुर, 24 जून 2009 - छत्तीसगढ़ में किसानों को खेती-किसानी के उन्नत तकनीक की जानकारी देने तथा उनकी समस्याओं एवं शंकाओं के समाधान के लिये 'किसान गुड़ी' नामक अभिनव अभियान की शुरूआत की जा रही है। चालू खरीफ मौसम से इस अभियान का आयोजन राजनांदगांव जिले में किया जाएगा। इसके तहत हर हफ्ते निर्धारित दिन को कृषि विभाग के अधिकारी गांवों में शाम 4 बजे से 6 बजे तक किसान गुड़ी में बैठकर किसानों को खेती-किसानी की उन्नत तकनीक, विभागीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी देने के साथ ही फसल उत्पादन के बारे में उनकी समस्याओं एवं शंकाओं का समाधान करेंगे। यह अभियान विभाग द्वारा पूर्व में संचालित हार-खार भ्रमण कार्यक्रम का विस्तारित रूप होगा।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि प्रदेश के राजनांदगांव जिले में आयोजित होने वाले इस अभियान के तहत विभाग के मैदानी अमले की नामजद डयूटी लगाई गई है। कृषि विस्तार अधिकारी सप्ताह में पांच दिन निर्धारित गांवों में जाएंगे तथा हार-खार भ्रमण के साथ ही किसान गुड़ी में बैठकर किसानों को खेती-किसानी के बारे में चर्चा करेंगे एवं उन्हें जानकारी देंगे। वर्तमान में राजनांदगांव जिले में किसान गुड़ी अभियान के लिये 575 ग्राम चयनित किये गये हैं। किसान गुड़ी के माध्यम से कृषकों को इसका सदस्य बनाने का अभियान भी संचालित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि चयनित गांवों के प्रगतशील एवं वरिष्ठ कृषक को किसान गुड़ी का अध्यक्ष बनाया जाएगा। चयनित गांवों में से प्रत्येक गांव में एक-एक प्रगतिशील कृषक का चयन कर लिया गया है। गांव के समस्त कृषक इसके सदस्य होंगे। किसान गुड़ी के लिये कम से कम 20 सक्रिय सदस्य बनाए जाएंगे। समस्त किसानों को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा प्रकाशित पत्रिका 'छत्तीसगढ़ खेती' नियमित रूप से उपलब्ध कराई जाएगी। कृषि विभाग द्वारा तैयार किसान डायरी भी किसान गुड़ी को उपलब्ध कराई जाएगी। किसान गुड़ी की बैठकें सप्ताह में निर्धारित दिन को ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी की मौजूदगी में होंगी।
अधिकारियों ने बताया कि किसान गुड़ी अभियान के माध्यम से गांव के भूमि की किस्म, सिंचाई सुविधा एवं अन्य संसाधनों को ध्यान में रखते हुए फसल कार्यक्रम हेतु सुझाव प्राप्त किये जाएंगे। भू-स्वास्थ्य के प्रति किसानों को जागरूक बनाया जाएगा। किसानों को संतुलित एवं समन्वित उर्वरक प्रबंधन की भी जानकारी दी जाएगी। धान उत्पादन की श्रीपध्दति, सघन चलाई, खरपतवार नियंत्रण, स्वस्थ बीज, बीजोपचार एवं जैव उर्वरक के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक बनाया जाएगा। सोयाबीन फसल में प्रति पौध संख्या, खरपतवार नियंत्रण, जल निकास, पौध संरक्षण एवं निगरानी के बारे में जानकारी दी जाएगी। कृषक समूहों को उन्नत खेती किसानी के साथ ही इससे जुड़े रोजगार, व्यवसाय को अपनाने हेतु प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि किसान गुड़ी के माध्यम से विभाग को अपने योजनाओं एवं कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन की भी रणनीति बनाई गई है। उन्होंने बताया कि कृषि विभाग द्वारा गांवों में आयोजित होने वाले कार्यक्रम किसान गुड़ी के दिन ही होंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा किसान इस अभियान का लाभ उठा सकें। किसान खेत पाठशाला का आयोजन भी गांवों में किसान गुड़ी के दिन ही होगा।
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