Farmers in the current Kharif season will get a thousand crore in the form of credit for agriculture
चालू खरीफ मौसम में किसानों को खेती के लिए ऋण के रूप में मिलेंगे एक हजार करोड़ रूपए
रायपुर, 25 मई 2009 - छत्तीसगढ़ के किसानों को खेती के लिए इस वर्ष खरीफ मौसम में राज्य सरकार द्वारा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंको से संबध्द प्राथमिक सहकारी समितियों के माध्यम से एक हजार करोड़ रूपए का ऋण दिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। किसानों को यह सुविधा सिर्फ तीन प्रतिशत वार्षिक व्याज पर दी जा रही है। कृषि मंत्री श्री चन्द्रशेखर साहू ने कृषि विभाग सहित सहकारिता विभाग और राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) के अधिकारियों को इस खरीफ मौसम में प्राथमिक सहकारी समितियों द्वारा किसानों को कृषि ऋण की कुल राशि का साठ प्रतिशत वस्तु के रूप में तथा चालीस प्रतिशत नगर राशि के रूप में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अब तक कुल लक्ष्य में से साढ़े बारह प्रतिशत से अधिक राशि लगभग 120 करोड़ 33 लाख रूपए का कृषि ऋण खरीफ 2009 में किसानों को उपलब्ध करा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार की मंशानुसार सहकारिता विभाग द्वारा राज्य के किसानों को खेती के लिए सहकारी समितियों के माध्यम से सिर्फ तीन प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को यह ऋण सुविधा पिछले वित्तीय वर्ष 2008-09 से दी जा रही है। इतनी कम ब्याज दर पर किसानों को खेती के लिए ऋण सुविधा देने वाला छत्तीसगढ़ देश का पहला और इकलौता राज्य है। छत्तीसगढ़ में वर्ष 2004 से किसानों के लिए कृषि ऋणों पर ब्याज दरों में लगातार चौथी बार यह कमी की गई है। वर्ष 2004 से 2006 तक नौ प्रतिशत, वर्ष 2006-07 में सात प्रतिशत और वित्तीय वर्ष 2007-08 में सिर्फ छह प्रतिशत ब्याज की किफायती दर पर ऋण उपलब्ध कराने के बाद ब्याज की दरों को पिछले वित्तीय वर्ष से 50 प्रतिशत कम कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि पिछले वर्ष खरीफ 2008 में किसानों को 642 करोड़ 80 लाख रूपए का ऋण खेती किसानी से संबंधित खर्चों के लिए उपलब्ध कराया गया था। चालू खरीफ मौसम में इसकी सीमा बढ़ा कर एक हजार करोड़ रूपए कर दी गई। इस वर्ष किसानों को कृषि ऋण की साठ प्रतिशत राशि वस्तु के रूप में तथा चालीस प्रतिशत राशि नगद दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ 2009 में रायपुर जिले के किसानों को 241 करोड़ 47 लाख रूपए, महासमुंद जिले के किसानों को 116 करोड़ 18 लाख रूपए, धमतरी जिले के किसानों को 67 करोड़ 56 लाख रूपए कृषि ऋण वितरित किया जाएगा। दुर्ग जिले में 189 करोड़ पांच लाख रूपए राजनांदगांव जिले में 84 करोड़ 91 लाख रूपए, कवर्धा जिले में 36 करोड़ 88 लाख रूपए, मध्य बस्तर जगदलपुर जिले में 26 करोड़ 29 लाख रूपए, नारायणपुर जिले में एक करोड़ 37 लाख रूपए, कांकेर जिले में 29 करोड़ 77 लाख रूपए, दंतेवाड़ा जिले में 85 लाख रूपए तथा बीजापुर जिले में तीन करोड़ 74 लाख रूपए का कृषि ऋण किसानों को दिया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि चालू खरीफ मौसम में बिलासपुर जिले में 56 करोड़ 59 लाख, जांजगीर जिले में 57 करोड़ 62 लाख, कोरबा जिले में आठ करोड़ 39 लाख रूपए की राशि खेती किसानी के लिए किसानों को ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। पंडरिया क्षेत्र के किसानों को चार करोड़ 64 लाख रूपए का कृषि ऋण इस खरीफ मौसम में दिया जाएगा। सरगुजा जिले में 38 करोड़ 62 लाख, कोरिया जिले में पांच करोड़ छह लाख, रायगढ़ जिले में 29 करोड़ दस लाख तथा जशपुर जिले में एक करोड़ 52 लाख रूपए किसानों को इस खरीफ मौसम में खेती के लिए सहकारिता के माध्यम से तीन प्रतिशत किफायती ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि अब तक किसानों को चालू खरीफ में निर्धारित लक्ष्य से साढ़े बारह प्रतिशत से अधिक राशि कृषि ऋण के रूप में उपलब्ध करा दी गई है।
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